भजन
हर साँस मैं हो सुमरन तेरा
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरी पूजा करते बीते साँझ सबेरा।
1)--नैनों की खिड़की तुमको पल पल में निहारूँ
मन में बिठा लूँ तेरी आरती उतारूँ
डाले रहूँ तेरे चरणों में डेरा।
2)-जो भी तेरा प्यारा हो वो मेरे दिल का प्यारा हो
मेरे सर का ताज मेरी आँखों का वो तारा हो
सब मैं निहारूँ रूप सुनहरा ।
3)-प्यार हो सत्कार हो एतवार हो तुम्हारा
सुख भी हो सारे और याद हो इशारा
हो आत्मा पर तेरा ही डेरा।
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