Posts

बदरिया बरसै श्याम नहीं आए,

श्याम सुन्दर से सुन री ऐ मेरी सखी क्या पता थी मुलाकात हो जायगी

मन्नै बहुत करे पुन दान कंकरी धायी एक बेटे कारण भरती फिरुँ तबाही

तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है

सिया जी सोच मत करना धनुष को राम तोड़ेंगे

श्याम पत्थर ना मारो बुरी बात है सब बना खेल मेरा बिगड़ जाएगा