Posts

तेरे चरणो मे बजरंगी, शत शत परणाम हमारा

मोहे सुपना आयो रात… हो… रात बलमा तेरी लंका टूट रही

अंगूठी मोहे साँच बता दे कहाँ छोड़े लक्ष्मण राम

राम भक्त हनुमान बालाजी मेरे घर आना

हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना, इस मंत्र की महिमा को सारे जग ने जाना

लहर लहर लहराए रे, झंडा बजरंग बलि का

पेड़ तोड़े सभी बगिया वीरान की ये शरारत है महाराज हनुमान की

सुनो बजरंगवली राम को जानते हो कैसे जानकी पूंछती हैं ऐसे