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तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है

सिया जी सोच मत करना धनुष को राम तोड़ेंगे

अरे हम सीता माँ के लाल लव कुश हैं नाम हमारे

मोहे सुपना आयो रात… हो… रात बलमा तेरी लंका टूट रही

अंगूठी मोहे साँच बता दे कहाँ छोड़े लक्ष्मण राम

एक छोटी सी कहानी है सिया राम की लगती सुहानी है सिया राम की