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चरखले आळी, तेरा चरखा बोले ओम नाम, तू रट ले तुही तुही

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे भावना भाव भक्ति भजन के लिए

जब छोड़ चलु इस दुनिया को होठों पर नाम तुम्हारा हो

यहां कोई नहीं अपना दुनिया ही बेगानी है दुनिया जिसे कहते हैं वह झूठी कहानी है

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का

हंसा निकल गयो पिंजरे से खाली पड़ी रही तस्वीर

राम तेरी दुनिया मै कोई न सुखी

उठ जाग मुसाफिर भोर भई अब रैन कहाँ जो सोवत है

जब तेरी डोली उठा ली जायेगी बिन मुहूरत ये उठा ली जायेगी।